हमने तुम्हे इजाजत नहीं दी तुम्हारी हथेली पर और तुमने इसे मेहँदी से बदल दिया, अरे धड़कने ही छीननी थी तो दिल क्यों दिया
जशपुर रोड स्थित रेन हॉस्पिटल जिसके बोर्ड पर बड़े अक्षरों में लिखा है स्वास्थ्य सेवा ही लक्ष्य है अब खुद सवालों के घेरे में है। अस्पताल पर सवा लाख रुपये की मांग को लेकर एक मरीज को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था बल्कि मानवता को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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